[1]
सुरेखा and डाॅ. बाबूराम 2025. कुमार विश्वास के काव्य में व्यक्त सामाजिक-आर्थिक यथार्थ स्त्री-चेतना और ग्रामीण जीवन का भावात्मक पुनर्रेखन. Kavya Setu. 1, 10 (Oct. 2025), 77–83.