[1]
प्रियंका शर्मा, डॉ. कंचना सक्सेना, “रत्नकुमार सांभरिया की कहानियों में स्त्री की भाषिक चेतना”, Kavya Setu, vol. 1, no. 2, pp. 52–67, Feb. 2025.