[1]
डाॅ0 दीपिका वर्मा and गीता, “कृष्णापरिणयं महाकाव्य में द्रौपदी की प्रासंगिकता (आधुनिक परिप्रेक्ष्य में)”, Kavya Setu, vol. 1, no. 9, pp. 31–35, Sep. 2025.