महाकौशल प्रांत में जलवायु परिवर्तन एवं पर्यटन के प्रभावों का विश्लेषण

Authors

  • Neelam Kashyap, Dr. Shivaji Banshlal Patil

Keywords:

जलवायु परिवर्तन, पर्यटन विकास, महाकौशल प्रांत, सतत पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण

Abstract

महाकौशल प्रांत मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण भौगोलिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र है, जो अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, वन्यजीव अभयारण्यों, ऐतिहासिक स्थलों तथा धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चुनौती के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसका प्रभाव पर्यावरण, अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन गतिविधियों पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य महाकौशल प्रांत में जलवायु परिवर्तन के पर्यटन क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में तापमान वृद्धि, वर्षा के प्रतिरूपों में परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण तथा जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों का पर्यटन गतिविधियों से संबंध स्थापित किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की आकर्षण क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे पर्यटकों की संख्या तथा पर्यटन आधारित आय में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर, सतत पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान भी संभव है। अध्ययन यह भी इंगित करता है कि जलवायु-अनुकूल पर्यटन नीतियाँ, हरित अवसंरचना तथा संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यटन क्षेत्र की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं। निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि महाकौशल प्रांत में पर्यटन के सतत विकास हेतु जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझना तथा उनके अनुरूप रणनीतियों का निर्माण करना अत्यंत आवश्यक है। यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं तथा पर्यटन प्रबंधकों के लिए उपयोगी दिशा-निर्देश प्रदान करता है।

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Published

18-03-2026

How to Cite

Neelam Kashyap, Dr. Shivaji Banshlal Patil. (2026). महाकौशल प्रांत में जलवायु परिवर्तन एवं पर्यटन के प्रभावों का विश्लेषण. Kavya Setu, 2(3), 173–187. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/268

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