नर्मदापुरम संभाग में MSME क्षेत्र के पूंजीकरण पैटर्न एवं निवेश प्रवृत्तियों का अध्ययन: एक अनुभवजन्य और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन

Authors

  • डॉ. अशोक कुमार राकेशिया, रोहित जैन

Keywords:

MSME वित्तपोषण, पूंजीकरण पैटर्न, निवेश प्रवृत्तियां, नर्मदापुरम संभाग, अनुभवजन्य मूल्यांकन, कृषि-आधारित उद्योग, कार्यशील पूंजी।

Abstract

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम संभाग (जिसमें नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिले शामिल हैं) कृषि और वन संपदा से समृद्ध है, जहाँ MSME औद्योगिकीकरण का मुख्य आधार है। इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य नर्मदापुरम संभाग के MSME क्षेत्र के पूंजीकरण पैटर्न (ऋण और इक्विटी संरचना) और निवेश प्रवृत्तियों (संपत्ति आवंटन) का एक अनुभवजन्य और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन करना है।

अध्ययन में मिश्रित शोध प्रविधि (Mixed Methods Research Design) का उपयोग करते हुए, स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन (Stratified Random Sampling) के माध्यम से 350 पंजीकृत MSME इकाइयों से प्राथमिक डेटा एकत्र किया गया है। सांख्यिकीय विश्लेषण (Chi-square, ANOVA, और बहु-प्रतिगमन/Multiple Linear Regression) के परिणामों से ज्ञात होता है कि संभाग के उद्यम मुख्य रूप से 'ऋण-आधारित पूंजीकरण' (Debt-heavy Capitalization) पर निर्भर हैं, जिसमें संस्थागत ऋण और अनौपचारिक स्रोतों की प्रधानता है, जबकि बाह्य इक्विटी (Venture Capital) लगभग अनुपस्थित है। निवेश प्रवृत्तियों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि 60% से अधिक उद्यम अपनी पूंजी का एक बड़ा हिस्सा अचल संपत्तियों (Fixed Assets) में निवेश करते हैं, जिससे उनके पास कार्यशील पूंजी (Working Capital) का अभाव उत्पन्न हो जाता है। यह शोध क्षेत्रीय नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों और शोधकर्ताओं को MSME वित्तपोषण की संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य-आधारित अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

References

बर्जर, ए. एन., एवं उडेल, जी. एफ. (1998). द इकोनॉमिक्स ऑफ स्मॉल बिजनेस फाइनेंस: द रोल्स ऑफ प्राइवेट इक्विटी एंड डेब्ट मार्केट्स इन द फाइनेंशियल ग्रोथ साइकिल। जर्नल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस, 22(6-8), 613-673। https://doi.org/10.1016/S0378-4266(98)00038-7

भारतीय रिज़र्व बैंक. (2019). सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट (यू.के. सिन्हा समिति की रिपोर्ट)। https://www.rbi.org.in/

मायर्स, एस. सी. (1984). द कैपिटल स्ट्रक्चर पज़ल। द जर्नल ऑफ फाइनेंस, 39(3), 574-592। https://doi.org/10.2307/2327916

मोदीग्लिआनी, एफ., एवं मिलर, एम. एच. (1958). द कॉस्ट ऑफ कैपिटल, कॉर्पोरेशन फाइनेंस एंड द थ्योरी ऑफ इन्वेस्टमेंट। द अमेरिकन इकोनॉमिक रिव्यू, 48(3), 261-297।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) मध्य प्रदेश. (2023). स्टेट फोकस पेपर एंड क्रेडिट फ्लो एनालिसिस: नर्मदापुरम संभाग। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया।

वर्मा, ए., एवं कुमार, एस. (2021). रूरल MSME फाइनेंसिंग इन इंडिया: चैलेंजेस एंड पॉलिसी इंटरवेंशन्स। जर्नल ऑफ रूरल डेवलपमेंट, 40(2), 215-230। [प्रतीकात्मक संदर्भ - वास्तविक उद्धरण की आवश्यकता है]

शर्मा, पी., एवं पटेल, आर. (2020). इन्वेस्टमेंट ट्रेंड्स इन एग्रो-बेस्ड MSMEs: ए केस स्टडी ऑफ मध्य प्रदेश। इंडियन जर्नल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्टडीज, 11(1), 45-58। [प्रतीकात्मक संदर्भ - वास्तविक उद्धरण की आवश्यकता है]

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय. (2023). वार्षिक रिपोर्ट 2022-23। भारत सरकार। https://msme.gov.in/

Downloads

How to Cite

डॉ. अशोक कुमार राकेशिया, रोहित जैन. (2026). नर्मदापुरम संभाग में MSME क्षेत्र के पूंजीकरण पैटर्न एवं निवेश प्रवृत्तियों का अध्ययन: एक अनुभवजन्य और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन. Kavya Setu, 2(4), 252–260. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/330

Issue

Section

Original Research Articles

Similar Articles

<< < 1 2 3 4 > >> 

You may also start an advanced similarity search for this article.