बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजनाः हरियाणा में प्रभाव और क्रियान्वयन का अध्ययन
Keywords:
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, हरियाणा, लिंग अनुपातAbstract
भारत आज आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में तीव्र गति से विकास कर रहा है, लेकिन इस प्रगति के बावजूद लड़कियों के विरुद्ध हिंसा आज भी एक गंभीर सामाजिक समस्या बनी हुई है। यह हिंसा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास में एक गहरी बाधा है। लड़कियों के विरुद्ध होने वाली हिंसा के सबसे भयानक रूपों में से एक हैकृकन्या भ्रूण हत्या।
इस समस्या की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और इसका मुख्य कारण आधुनिक तकनीकी उपलब्धियाँ जैसेकृअल्ट्रासाउंड, लिंग परीक्षण, स्कैनिंग तकनीक और आनुवंशिक विकृतियों की पहचान जैसी सुविधाओं का दुरुपयोग है। इन तकनीकों ने समाज के हर वर्गकृचाहे अमीर हो या गरीबकृको भ्रूण लिंग जांच कराकर कन्या भ्रूण हत्या करने का अवसर दे दिया है। परिणामस्वरूप, कन्या भ्रूण हत्या और लड़कियों को उचित पोषण, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा से वंचित रखना भारत में स्त्री-जनसंख्या में गिरावट के मुख्य कारण बन गए हैं।
यह स्थिति केवल भ्रूण हत्या तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यदि लड़की जन्म ले भी लेती है, तो उसे जीवनभर भेदभाव और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, जीवन स्तर, दहेज हत्या, नवविवाहित महिलाओं को जलाना, बलात्कार, यौन शोषण और बाल उत्पीड़न जैसी समस्याएँ आज भी व्यापक स्तर पर मौजूद हैं, जो महिलाओं के विरुद्ध गहराई से जड़ जमा चुकी हिंसा को दर्शाती हैं।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष लगभग 7,50,000 कन्या भ्रूणों का गर्भपात करवाया जाता है। विशेषकर पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में यह स्थिति और भी चिंताजनक है, जहाँ लिंगानुपात गंभीर रूप से असंतुलित है। यदि हम एक दिन भी माताओं के बिना जीवन की कल्पना करें, तो स्पष्ट हो जाता है कि ऐसी हिंसा केवल एक वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के अस्तित्व के लिए खतरा है। अतः यह समय है कि समाज इस दिशा में आत्मचिंतन करे और बेटियों के सम्मान, अधिकार और अस्तित्व को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
References
http:@@www-newssloe-com-cdm-amproject-ord
hi@wikipedia-org@wiki@ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
सर्व शिक्षा अभियान प्रशिक्षण संदर्शिका (2010-2011)
महिला एवं बाल विकास, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कार्यक्रम भारत सरकार नई दिल्ली 22 जनवरी 2015
चंद्र गिरीश पांडये, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना प्रतियोगिता दर्पण, सामाजिक लेख ,नई दिल्ली 2015 प्र. 96
द टाइम्स ऑफ इंडिया नई दिल्ली 4 जनवरी, 9130 चउ 9.30च्ड
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