कुमार विश्वास के काव्य में व्यक्त सामाजिक-आर्थिक यथार्थ स्त्री-चेतना और ग्रामीण जीवन का भावात्मक पुनर्रेखन

Authors

  • सुरेखा
  • डाॅ. बाबूराम

Keywords:

चेतना, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिस्थितियाॅ, प्रेम और सौंदर्य, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, अन्याय, शोषण और असमानता

Abstract

भारतीय काव्य परंपरा में सदा से समाज और व्यक्ति के संबंधों की गहन पड़ताल की जाती रही है। चाहे वैदिक ऋचाओं की स्तुतिपरक भावधारा हो या भक्तिकाल की लोकमंगलमयी चेतना, रीतिकाल का सौंदर्यबोध हो या आधुनिक युग का यथार्थवादी दृष्टिकोण हर युग का कवि अपने समाज का संवेदनशील द्रष्टा रहा है। कवि के हृदय में उत्पन्न भाव केवल व्यक्तिगत नहीं होते, वे उस समय की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के प्रतिबिंब होते हैं। इसी परंपरा में जब हम समकालीन हिंदी कविता के क्षेत्र में दृष्टिपात करते हैं, तो हमें कुमार विश्वास एक ऐसे कवि के रूप में दिखाई देते हैं, जिनकी रचनाओं में व्यक्ति के अंतर्मन की व्यथा, समाज की विसंगतियाँ और राष्ट्र के प्रति भावनात्मक समर्पण तीनों का अद्भुत संगम मिलता है। कुमार विश्वास केवल प्रेम और सौंदर्य के कवि नहीं हैं, बल्कि वे समाज की गहरी पीड़ा, असमानता, अन्याय और बदलते मूल्य-बोध के प्रति सजग कवि हैं। उनके काव्य में जहाँ एक ओर व्यक्तिगत प्रेम का मधुर भाव है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सरोकारों की प्रखर चेतना भी विद्यमान है। वे अपनी कविताओं के माध्यम से न केवल युवा पीढ़ी के हृदय में ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि समाज में व्याप्त निष्क्रियता, पाखंड और नैतिक पतन पर भी करारा प्रहार करते हैं। इस प्रकार, उनका काव्य आधुनिक भारतीय समाज की चेतना, संघर्ष और आकांक्षाओं का सजीव दस्तावेज बन जाता है।

References

राजीव, वर्मा, समाज और कविता का संवाद, पृ.-136

अर्चना, चैधरी, समकालीन हिंदी साहित्य दृष्टि और मूल्य, पृ.-201

मोहन, गुप्ता, आधुनिक कवि और समाज, पृ.-174

मीरा,शुक्ल, आधुनिक हिंदी कविता में स्त्री स्वर, पृ.-192

कमलेश, शर्मा, कुमार विश्वास के काव्य का नारी दृष्टिकोण, पृ.-146

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Published

25-10-2025

How to Cite

सुरेखा, & डाॅ. बाबूराम. (2025). कुमार विश्वास के काव्य में व्यक्त सामाजिक-आर्थिक यथार्थ स्त्री-चेतना और ग्रामीण जीवन का भावात्मक पुनर्रेखन. Kavya Setu, 1(10), 77–83. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/107

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