नारायणपुर जिले के अबूझमाड़िया जनजाति का समाज एवं अर्थव्यवस्था का अध्ययन

Authors

  • डॉ. राजू चन्द्राकर

DOI:

https://doi.org/10.65578/kavyasetu.v2.i4.207

Keywords:

अबूझमाड़िया जनजाति, सामाजिक जीवन

Abstract

यह अध्ययन छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में निवास करने वाली अबूझमाड़िया जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का उद्देश्य इस जनजाति की सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक परंपराओं तथा आर्थिक गतिविधियों को समझना है। यह शोध 200 उत्तरदाताओं के नमूने पर आधारित है, जिसमें प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि अबूझमाड़िया जनजाति का सामाजिक जीवन प्रकृति-आधारित, सामुदायिक एवं परंपरागत मूल्यों पर आधारित है। इनकी अर्थव्यवस्था मुख्यतः झूम कृषि, वनोपज संग्रह तथा पारंपरिक आजीविका साधनों पर निर्भर है। आधुनिक शिक्षा, संचार एवं सरकारी योजनाओं के प्रभाव से इनके जीवन में धीरे-धीरे परिवर्तन हो रहा है। हालांकि, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं की कमी इनके विकास में बाधा उत्पन्न करती है। अतः यह अध्ययन इस जनजाति के संतुलित विकास एवं सांस्कृतिक संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।अबूझमाड़िया जनजाति का सामाजिक जीवन अत्यंत सरल, प्राकृतिक और सामुदायिक होता है। ये लोग मुख्यतः छत्तीसगढ़ के घने वनों में निवास करते हैं और छोटे-छोटे समूहों (टोलों) में रहते हैं। परिवार पितृसत्तात्मक होता है, किन्तु महिलाओं को भी सम्मान प्राप्त होता है। विवाह प्रथा सरल होती है तथा सामूहिक सहमति महत्वपूर्ण होती है। इनके रीति-रिवाज, नृत्य, गीत और त्योहार प्रकृति से जुड़े होते हैं। सामाजिक संगठन गोत्र और परंपराओं पर आधारित है। ये लोग बाहरी दुनिया से कम संपर्क रखते हैं, जिससे उनकी परंपराएँ आज भी संरक्षित हैं।

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Published

03-04-2026

How to Cite

डॉ. राजू चन्द्राकर. (2026). नारायणपुर जिले के अबूझमाड़िया जनजाति का समाज एवं अर्थव्यवस्था का अध्ययन. Kavya Setu, 2(4), 56–64. https://doi.org/10.65578/kavyasetu.v2.i4.207

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