पर्यावरणीय नैतिकता और महिला सशक्तिकरण: गाँधीवादी दृष्टिकोण से सतत् विकास का अध्ययन

Authors

  • शशि कुशवाह, डॉ. रतन सिन्हा

DOI:

https://doi.org/10.65578/kavyasetu.v2.i3.278

Keywords:

पर्यावरणीय नैतिकता, महिला सशक्तिकरण, गाँधीवाद, सतत् विकास, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम स्वराज, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, सामाजिक न्याय, प्राकृतिक संसाधन।

Abstract

वर्तमान युग में पर्यावरणीय संकट और लैंगिक असमानता विश्व समुदाय के समक्ष दो प्रमुख चुनौतियों के रूप में उपस्थित हैं। जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन, जैव विविधता का ह्रास तथा प्रदूषण जैसी समस्याएँ मानव अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं। दूसरी ओर, महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों में अभी भी अनेक असमानताओं का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों चुनौतियों का समाधान सतत् विकास की अवधारणा में निहित है, जो पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के मध्य संतुलन स्थापित करने पर बल देती है। महात्मा गाँधी का चिंतन पर्यावरणीय नैतिकता और मानव कल्याण के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करता है। गाँधीजी ने प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन, सीमित उपभोग, स्वदेशी, ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता तथा नैतिक उत्तरदायित्व पर बल दिया। उनका मानना था कि पृथ्वी मनुष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकती है, किन्तु उसके लोभ की नहीं। यह विचार आधुनिक पर्यावरणीय नैतिकता का आधार माना जाता है। साथ ही गाँधीजी ने महिलाओं को सामाजिक परिवर्तन की प्रमुख शक्ति के रूप में स्वीकार किया तथा उनके शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक बताया।

प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य पर्यावरणीय नैतिकता, महिला सशक्तिकरण और सतत् विकास के मध्य संबंधों का गाँधीवादी दृष्टिकोण से विश्लेषण करना है। अध्ययन में यह ज्ञात करने का प्रयास किया गया है कि पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भूमिका क्या है तथा गाँधीवादी सिद्धान्त किस प्रकार सतत् विकास की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। शोध में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति का उपयोग किया गया है। अध्ययन के निष्कर्ष संकेत करते हैं कि पर्यावरणीय संरक्षण और महिला सशक्तिकरण परस्पर पूरक प्रक्रियाएँ हैं तथा गाँधीवादी विचारधारा दोनों को एकीकृत कर सतत् विकास का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करती है। इसलिए वर्तमान विकास नीतियों में गाँधीवादी पर्यावरणीय नैतिकता और महिला सहभागिता को अधिक महत्त्व दिए जाने की आवश्यकता है।

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Published

18-03-2026

How to Cite

शशि कुशवाह, डॉ. रतन सिन्हा. (2026). पर्यावरणीय नैतिकता और महिला सशक्तिकरण: गाँधीवादी दृष्टिकोण से सतत् विकास का अध्ययन. Kavya Setu, 2(3), 192–213. https://doi.org/10.65578/kavyasetu.v2.i3.278

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