लिओ स्ट्रॉस का राजनीतिक दर्शन: एक समालोचनात्मक अध्ययन

Authors

  • डॉ. अनुराग पाण्डेय

DOI:

https://doi.org/10.65578/kavyasetu.v2.i3.286

Keywords:

प्राचीन दर्शन, आधुनिकताः-

Abstract

लियो स्ट्रॉस (1899–1973) बीसवीं शताब्दी के प्रमुख राजनीतिक दार्शनिकों में से एक थे, जिन्होंने आधुनिक राजनीतिक चिंतन की आधारभूत मान्यताओं की गहन समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने विशेष रूप से प्रत्यक्षवाद तथा ऐतिहासिकतावाद की आलोचना करते हुए यह प्रतिपादित किया कि राजनीतिक दर्शन का उद्देश्य केवल राजनीतिक तथ्यों का वर्णन करना नहीं, बल्कि न्याय, सद्गुण, प्राकृतिक अधिकार तथा श्रेष्ठ शासन व्यवस्था जैसे शाश्वत नैतिक प्रश्नों की विवेचना करना है। स्ट्रॉस ने प्राचीन यूनानी दार्शनिकों, विशेषतः प्लेटो और अरस्तू, के विचारों का पुनर्पाठ कर यह स्थापित किया कि शास्त्रीय राजनीतिक दर्शन आज भी समकालीन राजनीतिक एवं नैतिक संकटों के समाधान में प्रासंगिक है। प्रस्तुत अध्ययन में लियो स्ट्रॉस के राजनीतिक दर्शन के मूल तत्त्वों, उनकी प्रमुख अवधारणाओं, आधुनिक उदारवाद एवं आधुनिकता पर उनकी आलोचना तथा समकालीन राजनीतिक विमर्श में उनके योगदान का समीक्षात्मक विश्लेषण किया गया है। यह अध्ययन भारतीय एवं वैश्विक राजनीतिक चिंतन के संदर्भ में उनके विचारों की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है।

References

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Published

18-03-2026

How to Cite

डॉ. अनुराग पाण्डेय. (2026). लिओ स्ट्रॉस का राजनीतिक दर्शन: एक समालोचनात्मक अध्ययन. Kavya Setu, 2(3), 237–240. https://doi.org/10.65578/kavyasetu.v2.i3.286

Issue

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Original Research Articles