नर्मदापुरम संभाग में MSME क्षेत्र के पूंजीकरण पैटर्न एवं निवेश प्रवृत्तियों का अध्ययन: एक अनुभवजन्य और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन
Keywords:
MSME वित्तपोषण, पूंजीकरण पैटर्न, निवेश प्रवृत्तियां, नर्मदापुरम संभाग, अनुभवजन्य मूल्यांकन, कृषि-आधारित उद्योग, कार्यशील पूंजी।Abstract
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम संभाग (जिसमें नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिले शामिल हैं) कृषि और वन संपदा से समृद्ध है, जहाँ MSME औद्योगिकीकरण का मुख्य आधार है। इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य नर्मदापुरम संभाग के MSME क्षेत्र के पूंजीकरण पैटर्न (ऋण और इक्विटी संरचना) और निवेश प्रवृत्तियों (संपत्ति आवंटन) का एक अनुभवजन्य और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन करना है।
अध्ययन में मिश्रित शोध प्रविधि (Mixed Methods Research Design) का उपयोग करते हुए, स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन (Stratified Random Sampling) के माध्यम से 350 पंजीकृत MSME इकाइयों से प्राथमिक डेटा एकत्र किया गया है। सांख्यिकीय विश्लेषण (Chi-square, ANOVA, और बहु-प्रतिगमन/Multiple Linear Regression) के परिणामों से ज्ञात होता है कि संभाग के उद्यम मुख्य रूप से 'ऋण-आधारित पूंजीकरण' (Debt-heavy Capitalization) पर निर्भर हैं, जिसमें संस्थागत ऋण और अनौपचारिक स्रोतों की प्रधानता है, जबकि बाह्य इक्विटी (Venture Capital) लगभग अनुपस्थित है। निवेश प्रवृत्तियों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि 60% से अधिक उद्यम अपनी पूंजी का एक बड़ा हिस्सा अचल संपत्तियों (Fixed Assets) में निवेश करते हैं, जिससे उनके पास कार्यशील पूंजी (Working Capital) का अभाव उत्पन्न हो जाता है। यह शोध क्षेत्रीय नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों और शोधकर्ताओं को MSME वित्तपोषण की संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य-आधारित अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
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