कठोपनिषद् में नचिकेता एवं यमराज संवाद: आत्मविद्या का विवेचन

Authors

  • डाॅ॰ ममता
  • डाॅ॰ रवि प्रभात

Keywords:

कठोपनिषद, नचिकेता, यमराज, आत्मविद्या, श्रेय, प्रेय, ब्रह्मविद्या, मोक्ष

Abstract

भारतीय दार्शनिक परम्परा में उपनिषदों का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उपनिषद् मानव जीवन के परम पुरुषार्थ आत्मसाक्षात्कार की दिशा में मार्गदर्शक ग्रन्थ हैं। कठोपनिषद् उपनिषद् साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण निधि है, जिसमें नचिकेता एवं यमराज के मध्य सम्पन्न संवाद के माध्यम से आत्मविद्या, ब्रह्मज्ञान, श्रेय-प्रेय, योग, इन्द्रियनिग्रह तथा मोक्ष के सिद्धान्तों का गम्भीर विवेचन प्राप्त होता है। प्रस्तुत शोध-पत्र में नचिकेता के व्यक्तित्व, यमराज के उपदेश, आत्मा की नित्यता, रथरूपक, योग एवं आत्मविद्या के समकालीन महत्त्व का समीक्षात्मक अध्ययन किया गया है। भारतीय ज्ञान परम्परा में आत्मविद्या के पुनर्पाठ की दृष्टि से यह अध्ययन विशेष महत्त्व रखता है।

References

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How to Cite

डाॅ॰ ममता, & डाॅ॰ रवि प्रभात. (2026). कठोपनिषद् में नचिकेता एवं यमराज संवाद: आत्मविद्या का विवेचन. Kavya Setu, 2(9), 1–11. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/358

Issue

Section

Original Research Articles