हिंदी लोकधरोहर: ऐतिहासिक यात्रा, सांस्कृतिक विशेषताएँ और संरक्षण का नवाचार
Keywords:
हिंदी लोकगीत, सांस्कृतिक पहचान, मौखिक परंपरा, संरक्षण रणनीतियाँ, डिजिटल आर्काइविंगAbstract
यह शोध-पत्र हिंदी भाषा के लोकगीतों के ऐतिहासिक विकास, सांस्कृतिक पहचान और संरक्षण हेतु आवश्यक नवाचारपूर्ण उपायों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। लोकगीत भारतीय समाज की सांस्कृतिक आत्मा के रूप में कार्य करते हैं, जिनमें समुदायों की जीवनशैली, विश्वास, परंपराएँ और भावनात्मक अभिव्यक्तियाँ निहित हैं। मौखिक परंपरा के रूप में विकसित इन गीतों पर आधुनिकता, शहरीकरण और वैश्वीकरण का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जिससे इनका अस्तित्व चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस अध्ययन में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक महत्व और समकालीन चुनौतियों के साथ-साथ संरक्षण के लिए डिजिटल आर्काइविंग, एआई तकनीक, शैक्षणिक एकीकरण और सामुदायिक सहभागिता जैसे अभिनव उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया है। शोध का उद्देश्य इस सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक संदर्भ में पुनर्जीवित करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है।
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