हिंदी लोकधरोहर: ऐतिहासिक यात्रा, सांस्कृतिक विशेषताएँ और संरक्षण का नवाचार

Authors

  • Akat Rohan Vilasrao, Dr. Rajendra Baviskar

Keywords:

हिंदी लोकगीत, सांस्कृतिक पहचान, मौखिक परंपरा, संरक्षण रणनीतियाँ, डिजिटल आर्काइविंग

Abstract

यह शोध-पत्र हिंदी भाषा के लोकगीतों के ऐतिहासिक विकास, सांस्कृतिक पहचान और संरक्षण हेतु आवश्यक नवाचारपूर्ण उपायों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। लोकगीत भारतीय समाज की सांस्कृतिक आत्मा के रूप में कार्य करते हैं, जिनमें समुदायों की जीवनशैली, विश्वास, परंपराएँ और भावनात्मक अभिव्यक्तियाँ निहित हैं। मौखिक परंपरा के रूप में विकसित इन गीतों पर आधुनिकता, शहरीकरण और वैश्वीकरण का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जिससे इनका अस्तित्व चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस अध्ययन में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक महत्व और समकालीन चुनौतियों के साथ-साथ संरक्षण के लिए डिजिटल आर्काइविंग, एआई तकनीक, शैक्षणिक एकीकरण और सामुदायिक सहभागिता जैसे अभिनव उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया है। शोध का उद्देश्य इस सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक संदर्भ में पुनर्जीवित करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है।

References

अग्रवाल, आर. (2010). नॉर्थ इंडिया की लोक परंपराएं। नई दिल्ली: आर्यन बुक्स।

बोस, एन. के. (2008). इंडिया में कल्चर और सोसाइटी। मुंबई: पॉपुलर प्रकाशन।

देवी, जी. एन. (2011). ओरल कल्चर और देसी ज्ञान। नई दिल्ली: ओरिएंट ब्लैकस्वान।

धर, एस. (2015). लोक संगीत का बचाव: चुनौतियां और स्ट्रेटेजी। जर्नल ऑफ इंडियन फोकलोर स्टडीज, 22(2), 45–58।

दूबे, एस. (2003). इंडियन सोसाइटी एंड कल्चर: कंटिन्यूटी एंड चेंज। नई दिल्ली: नेशनल बुक ट्रस्ट।

गोखले, एस. (2017). इंडियन लोक परंपराओं को बढ़ावा देने में मीडिया की भूमिका। कल्चरल स्टडीज रिव्यू, 14(1), 60–72।

झा, एस. के. (2012). बिहार के लोक गीत: एक सोशियोकल्चरल स्टडी। इंडियन फोकलोर रिसर्च जर्नल, 18(3), 112–128.

कश्यप, ए. (2018). भारत में लोक कलाओं की डिजिटल आर्काइविंग: संभावनाएं और चुनौतियां. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ कल्चरल हेरिटेज, 10(4), 88–99.

पांडेय, आर. (2005). लोकगीत एवं लोकसंस्कृति. इलाहाबाद: हिंदी साहित्य संस्थान.

सक्सेना, आर. (2014). उत्तर भारत में मौखिक परंपराएं और क्षेत्रीय पहचान. जर्नल ऑफ़ साउथ एशियन कल्चरल स्टडीज़, 5(2), 75–91.

शर्मा, वी. (2019). सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से भारतीय लोक कलाओं को पुनर्जीवित करना. हेरिटेज एंड सोसाइटी, 12(3), 155–170.

सिंह, के. (2001). भारतीय लोकगीत: परंपरा, इतिहास और संस्कृति. नई दिल्ली: मनोहर पब्लिकेशन्स.

त्रिपाठी, एम. (2016). हिंदी बेल्ट का लोक संगीत: एक तुलनात्मक विश्लेषण। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ म्यूज़िकोलॉजी, 9(1), 33–48.

वर्मा, एन. (2009). महिलाएं और लोक गीत: एक सांस्कृतिक नज़रिया। जर्नल ऑफ़ जेंडर एंड कल्चर स्टडीज़, 7(4), 102–118.

यादव, पी. (2020). लोक विरासत को बचाने में टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन। एशियन जर्नल ऑफ़ कल्चरल प्रिजर्वेशन, 6(2), 50–63.

Downloads

Published

03-06-2025

How to Cite

Akat Rohan Vilasrao, Dr. Rajendra Baviskar. (2025). हिंदी लोकधरोहर: ऐतिहासिक यात्रा, सांस्कृतिक विशेषताएँ और संरक्षण का नवाचार. Kavya Setu, 1(6), 93–105. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/88

Issue

Section

Original Research Articles

Similar Articles

<< < 1 2 3 4 5 > >> 

You may also start an advanced similarity search for this article.