जलवायु परिवर्तन और हरियाणा के किसानों की चुनौतियाँः ऐतिहासिक एवं नीतिगत विश्लेाण

Authors

  • सर्वजीत

Keywords:

जलवायु परिवर्तन, कृषि, किसान, नीतियाँ, जल संकट, फसल उत्पादकता, भूजल दोहन, वर्षा परिवर्तनशीलता, तापमान वृद्धि, सूखा एवं बाढ, जलवायु अनुकूलन, फसल विविधीकरण, सिंचाई प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि जोखिम, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सतत् कृषि, पर्यावरणीय परिवर्तन, सरकारी योजनाएँ, कृषि स्थिरता, आजीविका सुरक्षा

Abstract

जलवायु परिवर्तन आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण और चिंताजनक वैश्विक समस्या के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसका प्रभाव पृथ्वी के लगभग सभी क्षेत्रों पर पड़ रहा है। विशेष रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्थाएँ इससे अधिक प्रभावित होती हैं, क्योंकि कृषि सीधे तौर पर जलवायु और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। हरियाणा एक प्रमुख कृषि उत्पादक राज्य है, जिसने हरित क्रांति के बाद देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। किंतु वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन के कारण यह राज्य अनेक नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस शोध-पत्र में हरियाणा में जलवायु परिवर्तन के ऐतिहासिक रुझानों का विश्लेषण किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पिछले कुछ दशकों में तापमान में लगातार वृद्धि हुई है और वर्षा का प्रतिरूप अधिक अनिश्चित एवं असंतुलित हो गया है। पहले जहाँ मानसून अपेक्षाकृत नियमित और अनुमानित था, वहीं अब वर्षा का समय, मात्रा और वितरण तीनों में अस्थिरता देखने को मिलती है। इसके परिणामस्वरूप कभी सूखा तो कभी बाढ़ जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं, जो कृषि उत्पादन को प्रभावित करती हैं। इसके अतिरिक्त, जल संकट हरियाणा के किसानों के सामने एक गंभीर समस्या के रूप में उभर रहा है। भूजल स्तर में लगातार गिरावट और सिंचाई संसाधनों पर बढ़ती निर्भरता कृषि की स्थिरता को चुनौती दे रही है। साथ ही, चरम मौसमी घटनाएँ जैसे ओलावृष्टि, तेज आंधी और बेमौसम वर्षा फसलों को अचानक नुकसान पहुँचाती हैं, जिससे किसानों की आय में अनिश्चितता बढ़ती है। इस अध्ययन में किसानों के समक्ष उत्पन्न प्रमुख चुनौतियों के साथ-साथ सरकारी नीतियों और योजनाओं का भी विश्लेषण किया गया है। यह पाया गया कि यद्यपि विभिन्न योजनाएँ जैसे फसल बीमा, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण कार्यक्रम लागू किए गए हैं, फिर भी इनके प्रभावी क्रियान्वयन में कई सीमाएँ मौजूद हैं। अतः यह कहा जा सकता है कि जलवायु परिवर्तन हरियाणा के कृषि क्षेत्र और किसानों की आजीविका के लिए एक गंभीर खतरा है, जिसके समाधान के लिए समग्र, वैज्ञानिक और समावेशी नीतिगत दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

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Published

14-03-2026

How to Cite

सर्वजीत. (2026). जलवायु परिवर्तन और हरियाणा के किसानों की चुनौतियाँः ऐतिहासिक एवं नीतिगत विश्लेाण. Kavya Setu, 2(3), 42–51. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/186

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