जबलपुर नगर में आयोजित शास्त्रीय संगीत समारोहों की भूमिका एवं संगीत प्रचार-प्रसार का अध्ययन।

Authors

  • कौशल्या धुर्वे, डॉ. वर्षा गोंटिया, डॉ. रवि कुमार पंडोले

Keywords:

शास्त्रीय संगीत, संगीत समारोह, जबलपुर नगर, संगीत प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक संरक्षण, भारतीय संगीत परंपरा।

Abstract

भारतीय शास्त्रीय संगीत भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं आध्यात्मिक चेतना का अभिन्न अंग है, जिसने प्राचीन काल से ही सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध किया है। वर्तमान वैश्वीकरण एवं तकनीकी युग में जहाँ पाश्चात्य संगीत का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है, वहीं शास्त्रीय संगीत समारोह भारतीय संगीत विरासत के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र में जबलपुर नगर में आयोजित शास्त्रीय संगीत समारोहों की भूमिका, उनके सांस्कृतिक प्रभाव तथा संगीत के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है।

अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि जबलपुर नगर में आयोजित संगीत समारोह न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं,  संगीत शिक्षार्थियों एवं श्रोताओं में शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि एवं संवेदनशीलता का विकास भी करते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा, सांगीतिक अनुशासन तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण संभव हो रहा है। साथ ही, रेडियो, दूरदर्शन, सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों द्वारा इन समारोहों की पहुँच व्यापक स्तर तक हुई है, जिससे शास्त्रीय संगीत के प्रति जनसामान्य की सहभागिता में वृद्धि हुई है।

यह अध्ययन गुणात्मक शोध पद्धति पर आधारित है, जिसमें पुस्तकों, शोध-पत्रों, सांस्कृतिक अभिलेखों एवं संगीत विशेषज्ञों के विचारों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन के निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि संगीत समारोह सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक समरसता एवं संगीत शिक्षा के विकास में प्रभावशाली माध्यम के रूप में कार्य कर रहे हैं। अतः आवश्यकता है कि शास्त्रीय संगीत समारोहों को संस्थागत सहयोग, सरकारी संरक्षण एवं आधुनिक तकनीकी संसाधनों से और अधिक सशक्त बनाया जाए, ताकि भारतीय संगीत परंपरा का संरक्षण भावी पीढ़ियों तक सुनिश्चित किया जा सके।

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Published

18-01-2026

How to Cite

कौशल्या धुर्वे, डॉ. वर्षा गोंटिया, डॉ. रवि कुमार पंडोले. (2026). जबलपुर नगर में आयोजित शास्त्रीय संगीत समारोहों की भूमिका एवं संगीत प्रचार-प्रसार का अध्ययन।. Kavya Setu, 2(1), 161–171. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/237

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