स्वतंत्रता संग्राम के बाद महिला आंदोलन और समाज में महिलाओं का स्थान: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • Preeti Kumari, Dr. Rathod Duryodhan Devidas

Keywords:

महिला आंदोलन, नारी सशक्तिकरण, संवैधानिक अधिकार, सामाजिक न्याय, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक स्वावलंबन, लैंगिक समानता।

Abstract

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात महिला आंदोलन ने समाज में महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और समानता को लेकर एक व्यापक जागरूकता उत्पन्न की। यह शोध पत्र स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के महिला आंदोलनों के ऐतिहासिक विकास, उनके प्रमुख पहलुओं, संवैधानिक समर्थन, आर्थिक एवं राजनीतिक प्रभाव तथा सामाजिक न्याय की दिशा में उनके योगदान का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन यह दर्शाता है कि महिला आंदोलनों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और कानूनी सुरक्षा के क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति में गुणात्मक परिवर्तन लाया है। भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, शिक्षा एवं सुरक्षा के अधिकारों ने इन आंदोलनों को संस्थागत आधार प्रदान किया। शोध यह भी उजागर करता है कि महिला सशक्तिकरण केवल व्यक्तिगत उत्थान का विषय नहीं, बल्कि समग्र सामाजिक प्रगति की एक अनिवार्य शर्त है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन आंदोलनों ने वैश्विक नारीवादी विमर्श और नीति-निर्माण को प्रभावित किया है।

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How to Cite

Preeti Kumari, Dr. Rathod Duryodhan Devidas. (2025). स्वतंत्रता संग्राम के बाद महिला आंदोलन और समाज में महिलाओं का स्थान: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. Kavya Setu, 1(6), 179–185. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/322

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