सार्वजनिक पुस्तकालयों में संदर्भ सेवाओं की स्थिति एवं समस्याओं का अध्ययन।

Authors

  • मुकेश कुमार लहरे

Keywords:

सार्वजनिक पुस्तकालय, संदर्भ सेवा, सूचना सेवा, पुस्तकालय उपयोगकर्ता, छत्तीसगढ़, डिजिटल संसाधन।

Abstract

सार्वजनिक पुस्तकालय समाज के विभिन्न वर्गों को ज्ञान, सूचना एवं अध्ययन-सामग्री उपलब्ध कराने वाले महत्वपूर्ण सूचना केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ जैसे विकासशील एवं भौगोलिक दृष्टि से विविध राज्य में सार्वजनिक पुस्तकालयों की भूमिका शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार, शोध तथा आजीवन अधिगम की आवश्यकताओं की पूर्ति में विशेष महत्व रखती है। संदर्भ सेवा सार्वजनिक पुस्तकालय की ऐसी महत्वपूर्ण सेवा है जिसके माध्यम से उपयोगकर्ताओं को उनकी विशिष्ट सूचना आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त एवं प्रामाणिक सूचना स्रोत उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक पुस्तकालयों में संदर्भ सेवाओं की स्थिति तथा इन सेवाओं से संबंधित प्रमुख समस्याओं का अध्ययन करना है। अध्ययन के लिए वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया। अध्ययन में कुल 200 पुस्तकालय उपयोगकर्ताओं को सम्मिलित किया गया। आँकड़ों के संकलन हेतु द्विविकल्पीय प्रश्नावली का प्रयोग किया गया, जिसमें प्रत्येक प्रश्न के लिए ‘हाँ’ एवं ‘नहीं’ विकल्प रखा गया। प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण आवृत्ति एवं प्रतिशत के आधार पर किया गया। अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि 78% उपयोगकर्ता संदर्भ सेवा से परिचित हैं तथा 71% उपयोगकर्ता इसका नियमित उपयोग करते हैं। 72% उत्तरदाताओं ने संदर्भ सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता स्वीकार की, जबकि केवल 59% ने सामग्री के नियमित अद्यतन की पुष्टि की। समस्याओं के संबंध में 61% उपयोगकर्ताओं ने नवीन संदर्भ सामग्री की कमी, 57% ने प्रशिक्षित संदर्भ कर्मचारियों की कमी तथा 54% ने इलेक्ट्रॉनिक संदर्भ संसाधनों की कमी को प्रमुख समस्या बताया। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक पुस्तकालयों में संदर्भ सेवाओं का आधार उपलब्ध है, किंतु अद्यतन सामग्री, मानव संसाधन तथा डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।

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How to Cite

मुकेश कुमार लहरे. (2026). सार्वजनिक पुस्तकालयों में संदर्भ सेवाओं की स्थिति एवं समस्याओं का अध्ययन।. Kavya Setu, 2(9), 150–163. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/383

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