हरिवंश राय बच्चन की ‘मधुशाला’ का प्रतीकात्मक अध्ययन

Authors

  • प्रोफेसर ममता रानी

Keywords:

हरिवंश राय बच्चन, मधुशाला, प्रतीकवाद, आत्मज्ञान, जीवन दर्शन, आध्यात्मिकता

Abstract

'मधुशाला' हरिवंश राय बच्चन की एक महत्वपूर्ण काव्य रचना है, जिसमें प्रतीकवाद का गहरे रूप से उपयोग किया गया है। शराब, मदिरालय, प्याला और पियक्कड़ जैसे प्रतीक जीवन के संघर्ष, भटकाव, और आत्मज्ञान की खोज को दर्शाते हैं। शराब केवल मादक पदार्थ नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों, आत्मा की शुद्धि और ज्ञान की खोज का प्रतीक बन जाती है। मदिरालय एक स्थान के रूप में दिखाया गया है, जहाँ आत्मा अपनी यात्रा की शुरुआत करती है और जीवन के असल अर्थ को पहचानने की कोशिश करती है। पियक्कड़ उस व्यक्ति का प्रतीक है, जो भटकाव से निकलकर आत्मज्ञान की ओर बढ़ता है। 'मधुशाला' में प्रतीकवाद ने जीवन, दर्शन और आध्यात्मिकता के गहरे विचारों को प्रकट किया है, जो पाठकों को आत्म-चिंतन और सत्य की खोज के लिए प्रेरित करता है।

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Published

18-07-2025

How to Cite

प्रोफेसर ममता रानी. (2025). हरिवंश राय बच्चन की ‘मधुशाला’ का प्रतीकात्मक अध्ययन. Kavya Setu, 1(7), 8–17. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/42

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