भारतीय संगीत पर लोक साहित्य का प्रभाव

Authors

  • डॉ. शशि बाला

Keywords:

लोक साहित्य, भारतीय संगीत, लोकगीत, सांस्कृतिक प्रभाव, भक्ति आंदोलन

Abstract

भारतीय संगीत और लोक साहित्य का संबंध अत्यंत गहरा और अविभाज्य है। लोक साहित्य, जो जनजीवन की संवेदनाओं, आस्थाओं और परंपराओं का सजीव प्रतिबिंब है, ने भारतीय संगीत को समृद्ध आधार और सहजता प्रदान की है। श्रम, उत्सव, विवाह, ऋतु और धार्मिक अनुष्ठानों में गाए जाने वाले लोकगीत धीरे-धीरे शास्त्रीय संगीत की संरचना और राग-रागिनियों में समाहित हुए, जिससे भारतीय संगीत अधिक भावनात्मक और जनसुलभ बन गया। भक्ति आंदोलन ने इस प्रभाव को और प्रबल किया, जब संत कवियों ने लोकभाषा और लोकधुनों के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश जनमानस तक पहुँचाए। क्षेत्रीय विविधताओं ने संगीत को अनेक रंग प्रदान किए, जिससे वह बहुआयामी और व्यापक स्वरूप में विकसित हुआ। आधुनिक समय में भी लोकधुनों का प्रभाव फिल्मी संगीत और फ्यूज़न संगीत में दिखाई देता है। इस प्रकार, लोक साहित्य ने भारतीय संगीत को न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गहराई दी, बल्कि उसे समाज की आत्मा से जोड़कर कालजयी बना दिया।

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Published

05-11-2025

How to Cite

डॉ. शशि बाला. (2025). भारतीय संगीत पर लोक साहित्य का प्रभाव. Kavya Setu, 1(11), 39–51. Retrieved from https://kavyasetu.com/index.php/j/article/view/100

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