ग्वालियर महानगर की दुष्कृत्य पीड़िताओं का मनो-सामाजिक वैयक्तिक अध्ययन
Keywords:
दुष्कृत्य पीड़िताएँ, मनो-सामाजिक प्रभाव, पुनर्वास, सामाजिक भेदभावAbstract
यह अध्ययन ग्वालियर महानगर की दुष्कृत्य पीड़िताओं के मनोवैज्ञानिक, सामाजिक एवं वैयक्तिक पहलुओं को समझने हेतु किया गया। इसका उद्देश्य यह जानना था कि यौन हिंसा जैसी घटनाओं के पश्चात पीड़िताओं के मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक व्यवहार तथा आत्मसम्मान पर क्या प्रभाव पड़ता है। अध्ययन में विभिन्न आयु वर्गों और सामाजिक पृष्ठभूमियों की महिलाओं को शामिल किया गया तथा साक्षात्कार एवं प्रश्नावली विधि से आंकड़े संकलित किए गए। परिणामों से ज्ञात हुआ कि अधिकांश पीड़िताएँ गहन मानसिक आघात, भय, अपराध-बोध और सामाजिक अस्वीकार्यता की स्थिति से गुजरती हैं। उन्हें समाज द्वारा तिरस्कार और परिवार से उपेक्षा का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका पुनर्स्थापन कठिन हो जाता है। हालांकि जिन पीड़िताओं को पारिवारिक सहयोग, परामर्श सेवाएँ और कानूनी सहायता मिली, उनमें मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास में अपेक्षाकृत सुधार देखा गया। अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि दुष्कृत्य पीड़िताओं के पुनर्वास के लिए केवल न्यायिक व्यवस्था पर्याप्त नहीं हैय बल्कि उनके लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श, सामाजिक स्वीकृति और सामुदायिक सहयोग अनिवार्य है। इससे वे पुनः समाज में गरिमा और आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकती हैं।
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