जलवायु परिवर्तन और मानव जीवन पर इसके सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय प्रभाव
Keywords:
सामाजिक-आर्थिक, शरणार्थियों, जैव विविधता, संस्थाओं, अतिरिक्तAbstract
जलवायु परिवर्तन वर्तमान युग की सबसे गंभीर वैश्विक समस्याओं में से एक है, जिसका प्रभाव केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, जैव विविधता, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचनाओं को भी प्रभावित करता है। ग्रीनहाउस गैसों के अत्यधिक उत्सर्जन, वनों की कटाई और औद्योगिक गतिविधियों ने पृथ्वी के तापमान में असंतुलन पैदा कर दिया है, जिससे बाढ़, सूखा, हीटवेव और समुद्र स्तर में वृद्धि जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। इन प्रभावों से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण हो रहा है, बल्कि खाद्य और जल सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका पर भी संकट गहरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेरिस समझौता और सतत विकास लक्ष्यों जैसे प्रयास किए जा रहे हैं, परंतु इन प्रयासों की सफलता जन जागरूकता, नीति निर्माण और तकनीकी नवाचारों पर निर्भर करती है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझना और उनका समाधान खोजना वैश्विक साझेदारी की मांग करता है।
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