भारत में राजनीतिक पर्यावरण और स्थाई विकास
Keywords:
प्रभुसत्ताधारी, अप्रत्यक्ष राजनीति, राजनीतिक, समाजवादी शक्तियाॅं, अर्थव्यवस्थाAbstract
पर्यावरण अर्थात हमारे चारों तरफ मौजूद वस्तुएँ, परिस्थितियाएँ, प्रभावकारी तत्व जिन्होंने हमें धेरा हुआ है जो प्राकृतिक या मानव निर्मित हो सकती हैं पर्यावरण का रूप हैं।
मनुष्य को अगर आत्मा और षरीर दो भागों में बांटा जाए तो उसके लिए पर्यावरण के भी दो रूप होंगे। एक तो जिसने उसकी आत्मा को घेरा है और दूसरा वो जिसने उसके षरीर को घेरा है। हालांकि आत्मा के बारे में कुछ लोगों का विचार है कि ये होती ही नहीं जबकि कुछ इसे षरीर से भी महत्त्वपूर्ण और अजर, अमर मानते हैं। मेरे विचार में आत्मा होती है लेकिन ये किसी व्यक्ति का वो हिस्सा है जो भौतिक रूप में दिखाई नहीं देता बल्कि वैचारिक रूप में महसूस किया जाता है और जैसे वैचारिक माहौल में मनुष्य रहता है वैसा ही उसकी आत्मा के लिए पर्यावरण तैयार हो जाता है। कैसे विचारों का पर्यावरण आत्मा को दूषित करेगा, पतित करेगा या उज्जवलित करेगा ये उस पर्यावरण में उपस्थित तत्त्वों की विषेषता पर निर्भर करेगा। मनुष्य का दूसरा भाग जो शरीर है अपना भौतिक स्वरूप रखता है और भौतिक पर्यावरण से प्रभावित होता है। भौतिक अर्थात जिसे हम अपनी इन्द्रियों के माध्यम से महसूस करते हैं। भौतिक जगत में होने वाली घटनाओं के कारण प्रभाव को तथ्यपर ढंग से स्पष्ट प्रस्तुत किया जा सकता है। इसी कारण जब पर्यावरण से जुड़े किसी विषय पर बात होती है तो इसका मतलब लगभग-2 भौतिक पर्यावरण से ही समझा जाता है। लेकिन जैसा कि इस प्रस्ताव का विषय ‘राजनीतिक पर्यावरण’ से सम्बन्धित है इसलिए यहाँ भौतिक और वैचारिक दोनों प्रकार के पर्यावरण से जुड़े तथ्यों पर प्रकाष डालना जरूरी है।
References
जयराम, रमेश, ”ग्रीन सिग्नल्सः इकोलाॅजी, ग्रोथ एण्ड डेममोक्रेसी इन इंडिया“ आॅक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, नई दिल्ली, 2015
कांडपाल, प्रकाश चंद, ”एनवायमेंटल पाॅलिसी, गवर्नेस एण्ड पाॅलिटिक्स: ए साउथ एशियन पर्सपेक्टिव“ रुटलेटेज़ इण्डिया (टेलर एण्ड फ्रांसिसी ग्रुप) पब्लिकेशन्स, 2024
सखनन, वेलयुथम, पाॅलिटिक्ल इकोनाॅमी आॅफ डेवलपमेंट एण्ड एनवायरमेंट इन माॅडर्न इंडिया“ रुटलेज पब्लिकेशन्स, 2023
जेफरी डी सेक्स, द एज आॅफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट, कोलम्बिया यूनिवर्सिटी प्रेस, न्यूयाॅर्क, 2015
Downloads
Published
How to Cite
Issue
Section
License
Copyright (c) 2026 Kavya Setu

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.