अंतरिक्ष और अस्तित्व: हिंदी साहित्य में कल्पना और यथार्थ का संगम
Keywords:
हिंदी साहित्य, कल्पना, यथार्थ, अंतरिक्ष, विज्ञान, अस्तित्व, फंतासी, विज्ञान-कथा, अस्तित्ववाद, आधुनिकताAbstract
यह शोधपत्र हिंदी साहित्य में कल्पना और यथार्थ के संगम का विश्लेषण करता है, जिसमें 2000 से 2024 तक के साहित्यिक विकास को केंद्र में रखा गया है। इस अध्ययन में यह देखा गया है कि कैसे हिंदी कथाओं, उपन्यासों और कविताओं ने अंतरिक्ष, विज्ञान, और अस्तित्ववादी प्रश्नों की कल्पनाशीलता के साथ यथार्थ के गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक संदर्भों का समावेश किया है। शोध का उद्देश्य हिंदी साहित्य के कल्पनाशील विस्तार और उसके यथार्थवादी सरोकारों की पड़ताल करना है, जिससे साहित्य की बदलती प्रवृत्तियों और संभावनाओं को समझा जा सके।
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